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CPU Ka Full Form क्या है CPU की पूरी जानकारी हिंदी में

दोस्तों आज के इस POST में आपके लिए लेके आया हूँ "CPU Ka Full Form क्या हो ता है ?" और हम इस Post के माध्यम से CPU की कम्प्लीट जानकारी दूंगा।  जैसे "CPU क्या होता है ? CPU के parts एवं CPU के कौन -कौन से कार्य होते है।  CPU  कैसे work करता है। "

Computer यूजर द्वारा दिए गए सभी प्रकार के Instruction को CPU  हैंडल करता है और उसे जल्दी से जल्दी प्रोसेस  करता है।  जैसे जैसे दुनिया Digital होते जा रहा है।  वैसे वैसे हम ज्यादा Complax  Processor को प्रोसेस करने के लिए एक  Fast CPU  की जरुरत महसूस होने लगती है।  और हम चाहते है की हमारा काम जल्दी से जल्दी पूरा  हो जाये। 


CPU KA FULL FORM
CPU KA FULL FORM


और  हमें जल्दी से एक से ज्यादा काम एक बार के करने की सोचने लगते है उसके लिए हमें अच्छी Speed वाली CPU  की आवस्यकता होती है।   उस इसी वजह से Software और Hardware Developer हमेशा ही एक अच्छी  CPU  बनाने की कोसिस करते रहते है।  और उनकी माँग  आज वर्तमान समय में बहुत ज्यादा बढ़ती ही जा रही है। 


    जब भी आप एक Desktop Computer या फिर कोई Laptop Computer खरीदने की सोचते है और खरीदने के लिए मार्केट में जाते है तब आप Computer shop में एक ही चीज के बारे में बातचीत करते है और वो है Technical Specifications के बारे में।  
    CFL का फुल फॉर्म क्या है CFL बल्ब कैसे वर्क करता है। 

    जैसे की 32 bit / 64 bit /Dual Core / Core to Duo / Quad Core /Intel  i3 / Intel  i5 /Intel  i7  /Intel  i9  इत्यादि टाइप से बातचीत होती है।  

    यदि आप Computer के बारे ज्यादा कुछ नहीं जानते है तो  तो यह आपके सिर के ऊपर  से जाता की आखिर यह है क्या  तो आपको डरने /घबराने  की कोई जरुरत नहीं  आपको इन्ही की बारे में आज आपको बताने जा रहे है।  यही Technical Specification , Cores ,CPU  के बारे में जानकारी हो जाएगी। 

    वैसे भी हर 6 महीने के अंतराल में मार्केट में आपको नए Processor वाले CPU  देखने में आएंगे  . वैसे भी यह हमारे नए Computer यूजर के लिए बहुत मुश्किल हो जाता है।  अगर आप भी अपना एक नया Desktop Computer / Laptop Computer खरीदना चाहते है तो आप आपने वर्क के हिसाब से एक अच्छा CPU  ले सकते है। 
    PGDCA का फुल फॉर्म क्या है कोई भी कम्प्यूटर कोर्स करने  ये जरूर पता कर ले 

    और CPU  से जुडी सभी तरह की जानकारी आपको इस Post में मिल जाएगी तो आप हमारे साथ अंत तक बने रहे। 


    CPU Ka Full Form - 

    CPU Ka Full Form होता है "Central Processing Unit जिसे हम हिंदी में कह सकते है (केंद्रीय प्रक्रमन एकक (सीपीयू) ) यह हमारे Computer का Important पार्ट होता है।  इसके बिना हम Computer चलाने की कल्पना भी नहीं कर सकते है।  इसे हम Computer का Brain (मस्तिष्क ) कह सकते है। 

    जैसे मानव अपने सभी कार्य अपने (Brain ) मस्तिष्क के निर्देशन पर ही कार्य करता है  वैसे ही Computer के सभी Task  CPU से ही होकर जाते है। जिसके बाद ही वह वर्क Complete होता है। 

    CPU  की परिभाषा -  

    सभी प्रकार के Computer जो आपने देखा ही होगा उन सभी Computer में Central Processing Unit और इसी को हम छोटे रूप में CPU  कहते है।  यह CPU   सभी प्रकार के Work करते है जैसे - Arithmetic , Logical , Decisions को CPU  के द्वारा ही Process किया जाता है , वो भी Billions ऑफ़ Operations par Second के Speed में Complete करता है। 

    Computer के सभी Parts (Components ) अनेक प्रकार से CPU  को Serve करते है। और Data को Fetch करना , Store करना , Finally Screen में Display करना , सभी तरह के कार्य CPU  के माध्यम से ही पूरा किया जाता है। 


    CPU क्या होता है ? - 

    जैसे में CPU का पूरा नाम बताया "Central Processing Unit " ये नाम से ही पता चलता है की यह Computer का मुख्य भाग है।  CPU यह एक छोटा सा चिप (Hardware ) होता  है। जो की Computer  के Program से जुडी सभी प्रकार की Instructions को Process करता है।  System के Important Task जैसे ALU (Arithmetical Logical  Unit )  Input  और Output Device  जैसे task को Complete करता है। 

    CPU को कुछ इस तरह से Design किया जाता है की इसमें Billions की मात्रा में Microscopic transistors को एक ही Single Computer चिप में रख सकते है।  इन्ही Transistors की Help से यह सभी प्रकार के कार्य जैसे Calculations , Program Run करना , Computer System में Data Store करना जैसे वर्क यह बहुत काम समय में जल्दी कर लेता है। 
    जब कभी हम CPU के अलग -अलग Types  के बारे में Discus करते है तो उनका आशय उनके Speed (Processor ) से रहता है।  हम अपने काम करने की Requirement में अनुसार ही अलग - अलग Processor  का CPU  लेके आते है।  जिससे हमारे काम और तेजी से पूर्ण हो।  जैसे आवश्यकता नुसार अगर हम कोई 3D Animation , Video mixing जैसे  work करते है तो हमें  ज्यादा अच्छे CPU  की आवश्यकता होती है।  

    तो हम अपनी आवश्यकता के अनुसार ही बेहतर Speed वाली CPU की जरुरत होती है  जिनकी Speed अच्छी होती है। CPU  Technology में जो भी Advantage होते है उनमे सबसे ज्यादा अहमियत दी जाती है CPU  में लगे Transistors को छोटे  से और छोटा रूप में इस्तेमाल किया जा सके।  ऐसा करने से CPU  को ज्यादा Efficient  बनाया जा सकता है।  जिसके कारण उनकी Speed को कई गुना बढ़ाया जा सके। 

    CPU कैसे Work करता है 

    अब हम ये जानेंगे की आखिर CPU  काम कैसे करता है,  जब से CPU का  विकाश हुआ है तब से अब तक CPU  में अनेक प्रकार के बदलाव किये गए है।  लेकिन इतने सारे  Improvement के बाद भी CPU का जो basic Function है वह same ही है।  अभी तक इसमें जो वो कुछ इस प्रकार है।  Fetch , Decode , Execute , write back इत्यादि। 

    Fetch (लाना/ निकालना )

    Fetch का आशय होता है इसमें Computer Memory में स्टोर डाटा से Instruction Receive किया जाता है , Instruction से आशय होता है Numbers या Series Of  Numbers Instruction जो बहुत सारे होते है।  जो अगल -अलग Location में होते है कैसे पता चलेगा की कौन सा Instruction कौन से Location में है।  तो इसके लिए एक Program Counter होता है, जो Program Memory में Instruction की Address की Location को निर्धारित करता है। 

    Program Counter के  सारे  Instruction के Address को Numbers के रूप में Store कर के रखता है।  जब कोई एक Instruction Fetch (Receive ) किया जाता है तो प्रोग्राम Counter के Length को Instruction की लम्बाई के अनुसार बढ़ा किया जाता है , ताकि वो अगले Instruction का Address स्टोर कर के रख ले। 

    Decode  (समझाना / व्याख्या करना )

    जब Memory कोई Instruction Fetch कर के लेके आता है।  तब उसके बाद ये पता चलता है की अब इस Instruction से CPU  को क्या काम करना है। Decode के आशय होता है Instruction को एक Circuit में pass कर दिया जाता है।  जिसे Instruction Decoder भी कहा जाता है।  जो सिग्नल में Convert कर देता है।  जिसके कारण CPU  के दूसरे Parts को Control किया जाता है। 

    Execute (निष्पादन करना ) 

    यह इसका तीसरा स्टेप है, जब किसी  Instruction को लाने और उसे Signal में Convert करने के बाद उसे Execute करना होता है।  अलग - अलग CPU  में उसकी बनावट के अनुसार Execute करने में एक Action या फिर अनेक Action होते है।   Decoded किया गया Instruction को CPU  के Relevant Parts तक भेजा जाता है।  
    जिसके बाद  वो Parts भेजे गए Instruction के आधार पर अपना काम करते है।  इस तरह से एक Action या Action की Series को Complete कर लिया जाता है।  यह प्रोसेस के बाद Result को इंटरनल CPU  Register में Write कर लिया जाता है।  इसके बाद वाले जो भी Instruction है उनके लिए एक Reference तैयार हो जाता है। 

    Write back (वापस लिखना )

    जब कोई Instruction का  Execute Process Complete हो जाने के बाद Write back मिलने वाले Result को  CPU  Memory के अंदर Store कर देता है।  किसी खास Instruction Set में इनको CPU  Resistor में Write कर दिया जाता है, जिससे इनको तुरंत ही Access कर लिया जाता है। 

    CPU के महत्वपूर्ण पार्ट्स 


    CPU  अनेक प्रकार के Components से मिलकर बना होता है , और सभी Components के अपने अलग - अलग कार्य होते है।  जो अपने अपने Task को पूरा अच्छी तरह पूरा करते है।  ये Components निम्न प्रकार के है इस प्रकार से समझ सकते है। 
    • Storage Unit Or Memory Unit 
    • Control Unit 
    • ALU ( Arithmetic Logic Unit )

    Storage And Memory Unit -

    Memory Unit  System के Data Instruction और Result को Store करने का काम करता है ,  यह Computer  के किसी दूसरे Units को जरुरत पड़ने पर Information Share करता है।  इसके दूसरे नाम इस प्रकार है - Main memory , Primary Memory , Internal Storage , और  RAM (random Access Memory ) आदि नामों से जाना जाता है। 



    CPU KA FULL FORM

    Storage or Memory Unit  की जितनी Size  होगी उसके अनुसार ही इसकी Speed , Capability , और पॉवर  होती है।  मेमोरी यूनिट 2  टाइप के होते है  Primary Memory और Secondary Memory  के नाम अक्सर सुना ही होगा। 

    Memory Unit के मुख्य Function इस प्रकार है -
    • सभी इनपुट And Output Device Main Memory में Transmit किया जाता है। 
    • Output Device तक भेजने के पहले ही ये Processing के फाइनल रिजल्ट को Store करके रखता है। 
    • Storage Or Memory Unit अपने जरूरत के अनुसार Processing के लिए सभी Instruction और डाटा  को सेव (Store ) करके रख लेता है। 
    • ये प्रोसेसिंग के बिच में मिलने वाली result  को भी सेव (Store) कर लेता है। 

    ALU  Arithmetic Logic Unit -

    ALU  2 टाइप के होते है -
    • Arithmetic Section 
    • Logic Section 
    अंक गणित से जुड़े प्रॉब्लम को Solve (हल ) करना Arithmetic Section का काम होता है।  जैसे  Subtraction , Multiplication , Division , Addition , कठिन -से कठिन समस्या को हल इन्ही Operation के Help से निकाला जाता है।  


    CPU KA FULL FORM
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    Logic Unit -

    Logic सेक्शन का काम है Logic  (तार्किक ), Operation  को पूरा करना जैसे -
    Comparing (तुलना करना )
    Selecting (चुनाव करना )
    Matching (match करना )
    Merging (मिला देना / जोड़ देना )

    Control Unit  -

    जैसा की नाम से ही स्पस्ट होता है Control यूनिट (नियन्त्रण करना ) यह यूनिट Computer के सभी पार्ट्स के Opration को कंट्रोल करने का काम करता है।  लव यूनिट वास्तविक में Data Processing करने का काम नहीं करता है।

    CPU KA FULL FORM
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    Control Unit के मुख्य Function निम्न प्रकार है -
    • Control Unit न तो Data को Process करने का काम करत है और न ही Data को store करती है। 
    • Memory Unit , Input Device से Communicate करके Data और Results को Transfer करती है। 
    • Control Unit Computer के सभी Units को Manage और Coordinate करने का काम करती है। 
    • ये Memory से Instruction को Receive करती है , और उसके बाद उसे Interpret कर के Computer के Operation को Direction देती है। 
    • Computer के दूसरे Units तक Instruction और Data के Transfer को Control में रखने की जिम्मेदारी Control Unit की होती है। 

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    CPU के प्रकार  Types Of CPU -

    Central Processing Unit (CPU ) यह Computer का सबसे Important हिस्सा है , ये Computer के एक Components से दूसरे Component के बिच में ट्रांसफर होने वाले Data , Instruction , और Calculation जैसे कार्य को संभालता है।  CPU  की क्षमता पर निर्भर करता है की कंप्यूटर की Speed से वर्क करता है।  CPU  में Work की Capacity  पर Depend   करता है।  

    अगर आपको कोई CPU  लेना है तो आप अपने काम के अनुसार ही एक अच्छा CPU  का चुनाव कर सकते है।  दुनिया में सबसे बड़ी और अच्छी CPU   बनाने वाली कम्पनी Intel  और ADM है।  तो  अपने अनुसार अलग - अलग CPU   का प्रोडक्शन  करते है। 

    Single Core CPU  -

    जब Computer का विकास हुआ था तब सबसे पहले इसी Single Core CPU  का प्रयोग ज्यादा हुआ करता है था।  single Core CPU   सबसे पुराने CPU  है।  यह CPU   एक समय में सिर्फ एक ही Operation को सुरु कर  सकता था।  इसलिए  ये Multitasking (एक ही समय में १ से ज्यादा Program रन  न करना ) के लिए उतने अच्छे नहीं थे। 

    जब हम किसी एक Operation पहले से शुरू हो और दूसरा Operation शुरू कर दिया जाय तो इसकी performance की Capacity घट जाती है।  और पहले की तुलना में सलोव  (Slow ) हो  जाता है।  Single Core CPU  में एक बार में एक ही Operation को Start किया जा सकता था।  हर नए Operation के साथ Computer और Slow काम करता था। 
    क्यूकि  इसकी Speed  कम होती जाती थी।  Computer CPU   के Power को मापने के लिए Clock Speed का Use किया जाता था। और इसकी Capacity Clock Speed पर ही निर्भर होती थी। 

    Dual Core CPU  

    इसमें एक  Dual Core CPU  एक ही Single Core CPU  होता है , लेकिन इनमे 2 Core होते है।  और इसलिए ये अकेले  ही 2 CPU  के बराबर Work करता है।  यह Single Core CPU   से बहुत अलग होता है , Single Core CPU  में एक Operation  End होने के बाद  ही दूसरा Operation  चलाया जा सकता था। 

    लेकिन  इसमें  एक बार में एक से ज्यादा Operation एक साथ Run किया जाता है , इसलिए इस CPU  को Multi -Tasking  CPU  भी बोला  जाता है।   इसमें Dual Core की पूरी Capacity का इस्तेमाल करने के लिए Operating System और Program में दोनों में एक Special Code का लिखा होना जरुरी होता है। 
    Dual Core CPU   Single Core CPU  से  अच्छी Speed के साथ काम करता है लेकिन इससे भी तेज CPU   Quad Core CPU   काम करता है। 

    Quad Core CPU  -

    Quad Core CPU  को Multi Core CPU   के नाम से भी जाना जाता है,  जिस तरह Dual Core CPU / Dual Core Work Load को 2 Core में बाँट देता है उसी प्रकार से Quad Core  4  Core में बाँट देता है।  

    यह CPU   एक बेहतर Multitasking  के रूप में सबसे best Service देता है , लेकिन इसका मतलब ये नहीं की आप सिर्फ एक ही Application को चलाने पर ये 4 गुना  Speed से वर्क करेगा।  जब तक SMT  code  का यूज़ नहीं होता।  तब तक प्रोग्राम की Speed का अंदाजा भी नहीं होगा।  इस तरह के CPU  सबसे Useful  साबित होते है।  जब हम एक साथ बहुत सारे प्रोग्राम्स को एक साथ Run कर सकते है जैसे - वीडियो Editing , गेम्स , design  etc. 

    CPU  के Advantage  क्या है - (CPU  के फायदे )

    CPU  के बहुत सारे फायदे होते है।  Computer आज के समय में  हमारे जीवन का एक बहुत ही  Important हिस्सा बन चूका है।  आज की डिजिटल दुनिया में Computer का एक अलग - ही पहचान हो गयी है।  जिसके बिना मानव जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती है।  तो अब जानते है की CPU की क्या Advantage है। 

    Dynamic Circuit -

    आज के समय के Computer में जो Processor होते है उनमे मुख्यतः Dynamic Circuit होते है।  इसमें लाखों ,करोड़ों में Switches लगे होते है।  जिसे  हम Computer की भाषा में Transistors कहते है।  जब कोई Computer User किसी Application में  वर्क करते हुए Data Input करता है तो वह Processor से दूसरे पार्ट में Switches के Configuration को Control करते है। 

    इन छोटे छोटे Switches आपस में मिलकर एक Dynamic Circuit बनाते है , और जो बहुत कठिन होते है उन्हें इन्ही जरिये Computer अपने सारे फंक्शन को पूरा करता है।  

    Calculations -


    एक CPU  सभी प्रकार के बेसिक Arithmetic जैसे वर्क को Complete करता है जैसे  Multiplication , Addition , Subtraction , Division निकालना बहुत ही तेज Speed में Calculation करती है।  Math  फंक्शन्स में बहुत बड़े Chains के बहुत ही सरल Arithmetic होते है , जिसके कारण  computer भी इन Trigonometry Logarithms और दूसरे टफ मैथ की problems को बहुत  ही जल्दी Calculate कर लेता है। 

    Exa.  अगर  आपने कभी Excel  में वर्क किया ही होगा।  100 से भी ज्यादा Spreadsheet Cells को Calculate कुछ ही समय में जल्दी Answer निकाल कर दे देता है। 

    Logic -

    CPU  बहुत सारे  logic Decisions को सिम्पल और सरल तरीके से Comparisions करके उसके आधार पर  करता है।  जैसे की Greater -Than Condition , Less -Than Condition  और Equal -to Condition . उसके बाद CPU   Comparison  के Outcome के हिसाब से अपने Action लेकर Answer प्रोवाइड करता है। 

    Multitasking - 

    CPU  अलग -अलग प्रकार के program  को एक साथ Run करने की सुविधा देता है।  जिससे हम एक साथ में 2 -3  प्रकार के वर्क एक समय में कर सकते है।  CPU  बड़ी ही आसानी के साथ "Multitasking " करने में सक्षम होता है , और Priroty  के हिसाब से काम करना आसान हो जाता है। 

     इससे CPU  मेमोरी का  पूरा उपयोग करता है।  Multitasking होने से हमारे बहुत सारे काम साथ Parallel चल सकते है।  बिना किसी प्रोग्राम टास्क को बंद किये। 

    Moving / Copying Data -

    CPU  अपना  डाटा को बहुत कम समय में data को एक स्थान से दूसरे स्थान में Copy और Move करने   सक्षम  होता है।  Exa.  जैसे किसी भी file को  हम pan drive से या Hard Drive के Copy और Move करना हो तो वह उस डाटा को Read (पढ़ना ) डाटा में उसका Calculation करना और उसे बाद में किसी दूसरे फाइल में Write करना।  

    Basic Computer Functionality - 

    किसी भी कम्प्यूटर का एक प्राइमरी Basis होता है और एक Processor और बाकि सभी hardware  Components  को Processor   के हिसाब से ही बनाया गया होता है।  इसके बीएन Computer के बचे बाकि पार्ट्स हार्डवेयर और Software  बिल्कुल की Pointless  है। 

    सभी तरह के इनपुट  और Output Peripherals पूरी तरह से Processor पर ही आश्रित होते है , डाटा के Input / Output के  लिए, इसी प्रकार Processor के माध्यम से ही Input Data Processed होकर Output तक जाती है।  ये वही प्रोसेसर ही है जहाँ  पर Computer कोई भी चीज़ Compute करता है। 

    Conculasion -

    तो आज हमने शिखा  "CPU का फुल फॉर्म क्या है CPU क्या होता है यह कैसे काम करता है। " CPU के सभी Important पार्ट्स कौन - कौन से है और CPU के क्या क्या advantaege है उनके बारे  में हमने जाना है।  आपको ये पोस्ट जरूर पसंद आयी होगी।  अगर आपका कोई भी सवाल हो तो आप हमें Comment में जरूर पूछे। 

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